ब्रेकिंग
छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज, बारिश थमने से बढ़ी गर्मी; अगले 48 घंटे फिर बारिश के आसार कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय में AI-मीडिया शोध केंद्र की शुरुआत, राज्यपाल डेका ने दिया पत्रकारिता का ... छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय होगा मानसून, 11 सितंबर से बारिश का अलर्ट; बिलासपुर में सामान्य से अधिक बारि... फ्लाइट बंद होने के बीच राहत की खबर, बिलासपुर से Fly91 भर सकती है उड़ान भिलाई में भीषण सड़क हादसा, पेड़ से टकराई तेज रफ्तार स्कॉर्पियो; दो युवकों की मौत लखनऊ में पत्रकार सुरक्षा सेवा समिति का पहला स्थापना दिवस, 17 राज्यों के पत्रकारों ने दिखाया एकजुटता ... CG News:- लूट के माल के बंटवारे पर गैंग में घमासान! मारपीट ने खोला पूरा राज, रीवा से आई पिस्टल से लू... छत्तीसगढ़ में फिर बिगड़ा मौसम, रायपुर-बिलासपुर समेत कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्य का सम्मान, छत्तीसगढ़ के 64 शिक्षकों को राज्यपाल करेंगे सम्मानित दर्दनाक सड़क हादसा, पेड़ से टकराई बाइक; दो नाबालिगों की मौके पर मौत
बेमेतरा

जिले में बाल विवाह रोकने की कार्रवाई सफल, 16 वर्षीय बालिका का विवाह रोका गया

बेमेतरा। जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को रोकने के लिए सतत निगरानी एवं आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में विकासखंड नवागढ़ के एक ग्राम में प्रस्तावित बाल विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर प्राप्त हुई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, टेमरी के समीप एक ग्राम में निवासरत साहू परिवार की 16 वर्षीय बालिका का विवाह रायपुर निवासी युवक से तय किया गया था। सूचना मिलते ही परियोजना समन्वयक राजेंद्र चंद्रवंशी के नेतृत्व में गठित टीम मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए विवाह को रोक दिया।

टीम द्वारा परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अंतर्गत दी गई जानकारी में स्पष्ट किया गया कि विवाह की वैधानिक न्यूनतम आयु पूरी न होने पर विवाह कराना कानूनन दंडनीय अपराध है। परिजनों ने समझाइश के बाद बालिका का विवाह उसकी वैधानिक आयु पूर्ण होने तक स्थगित करने की सहमति प्रदान की।

इस कार्यवाही के माध्यम से जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो वे तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या मोबाइल नंबर +91-8319141116, +91-8269844404 पर सूचना दें।

प्रशासन ने बताया कि पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, कोटवार, सरपंच आदि को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी के रूप में नामित किया गया है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी एवं रोकथाम की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

इसके अलावा प्रशासन ने सभी सेवा प्रदाताओं (जैसे पंडित, बैंड वाले, कैटरर्स आदि) से आग्रह किया है कि वे विवाह से पूर्व वर-वधु की आयु की जांच अवश्य करें और यदि विवाह अवैध हो तो किसी प्रकार की सेवा न दें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button